ऊपर जाने पर एक सवाल ये भी पूँछा जायेगा

ऊपर जाने पर एक सवाल ये भी पूँछा जायेगा कि अपनी अँगुलियों के नाम बताओ ।

जवाब:-

अपने हाथ की छोटी उँगली से शुरू करें :-

(1)जल

(2) पथ्वी

(3)आकाश

(4)वायू

(5) अग्नि

ये वो बातें हैं जो बहुत कम लोगों को मालूम होंगी ।

5 जगह हँसना करोड़ो पाप के बराबर है

1. श्मशान में

2. अर्थी के पीछे

3. शौक में

4. मन्दिर में

5. कथा में

सिर्फ 1 बार भेजो बहुत लोग इन पापो से बचेंगे ।।

अकेले हो?

परमात्मा को याद करो ।

परेशान हो?

ग्रँथ पढ़ो ।

उदास हो?

कथाए पढो ।

टेन्शन मे हो?

भगवत गीता पढो ।

फ्री हो?

अच्छी चीजे फोरवार्ड करो

हे परमात्मा हम पर और समस्त प्राणियो पर कृपा करो……

सूचना

क्या आप जानते हैं ?

हिन्दू ग्रंथ रामायण, गीता, आदि को सुनने,पढ़ने से कैन्सर नहीं होता है बल्कि कैन्सर अगर हो तो वो भी खत्म हो जाता है।

व्रत,उपवास करने से तेज़ बढ़ता है,सर दर्द और बाल गिरने से बचाव होता है ।

आरती—-के दौरान ताली बजाने से

दिल मजबूत होता है ।

ये मेसेज असुर भेजने से रोकेगा मगर आप ऐसा नही होने दे और मेसेज सब नम्बरो को भेजे ।

श्रीमद भगवत गीता पुराण और रामायण ।

.

कैन्सर

एक खतरनाक बीमारी है

बहुत से लोग इसको खुद दावत देते हैं

बहुत मामूली इलाज करके इस

बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है

अक्सर लोग खाना खाने के बाद पानीपी लेते है

खाना खाने के बाद पानीख़ून में मौजूद कैन्सर का अणु बनाने वाले ”’सैल्स”’को ”’आक्सीजन”’ पैदा करता है

हिन्दु ग्रंथो मे बताया गया है कि

खाने से पहलेपानी पीना

अमृतहै

खाने के बीच मे पानी पीना शरीर की

पूजाहै

खाना खत्म होने से पहले पानी

पीना औषधिहै

खाने के बाद पानीपीना

बीमारीयो का घर है

बेहतर है खाना खत्म होने के कुछ देर बाद पानी पीये

ये बात उनको भी बतायें जो आपको जानसे भी ज्यादा प्यारे है

जय श्री राम

रोज एक सेब

नो डाक्टर ।

रोज पांच बदाम,

नो कैन्सर ।

रोज एक निबु,

नो पेट बढना ।

रोज एक गिलास दूध,

नो बौना (कद का छोटा)

रोज 12 गिलास पानी,

नो चेहेरे की समस्या ।

रोज चार काजू,

नो भूख ।

रोज मन्दिर जाओ,

नो टेन्शन ।

रोज कथा सुनो 

मन को शान्ति मिलेगी ।।

चेहरे के लिए ताजा पानी

मन के लिए गीता की बाते

सेहत के लिए योग

और खुश रहने के लिए परमात्मा को याद किया करो ।

अच्छी बाते फैलाना पुण्य है.किस्मत मे करोड़ो खुशियाँ लिख दी जाती हैं ।

जीवन के अंतिम दिनो मे इन्सान इक इक पुण्य के लिए तरसेगा ।

 

Advertisements